बेगुनाहों की मौत का बदला बेगुनाहों की हत्या करके नहीं लिया जाना चाहिए

क्या फ़्रांस के बेगुनाहों की मौत का बदला सीरिया के बेगुनाहों की हत्या करके लिया जा सकता है या लिया जाना चाहिए? गुनाह का बदला गुनहगारों से लिया जाना चाहिए ना कि बेगुनाहों से और दुनिया की किसी भी लड़ाई में आम नागरिकों के
मारे जाने का समर्थन नहीं किया जाता है और ना ही किया जाना चाहिए।

ISIS पर एक महीने से रशिया हमले कर रहा है और अब फ़्रांस ने भी हमले किये हैं, मगर परेशानी यह है कि इस तरह के हमलों से ISIS का कितना नुकसान हुआ यह पता लगाना मुश्किल है। ताज़ा हमलों में कई हज़ार आम नागरिक मारे जा चुके हैं, इससे आतंकवाद हरगिज़ खत्म नहीं होगा, बल्कि इसके और प्रबल होने की सम्भावना बढ़ जाएगी। अगर ISIS को ख़त्म करना चाहते हो तो उस के इलाकों पर सीधी लड़ाई करो और अगर दुनिया के मुल्क स्वयं सीधा हमला नहीं करना चाहते तो सीरिया और इराक़ सरकार की मदद करो।

यह पूरी इंसानियत के लिए शर्म की बात है कि 2011 से जारी इस लड़ाई में लाखों बेगुनाह नागरिकों की हत्या हो चुकी है, अगर इसका 1 या 2 पर्सेंट भी अमेरिका या यूरोपियन देशों में हुआ होता तो उस पर अब तक सारी दुनिया विचार-विमर्श कर रही होती!
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