फिर कोई ‪‎कुत्ता‬, कोई कुत्ते का पिल्ला हो गया...

क्या कहूँ हाकिम का यूँ ज़मीर ढिल्ला हो गया

मिंटो-सेकिंडो में ही हर शेर बिल्ला हो गया


इन्तख़ाबों में तो थे हम 'आँख के तारे' सभी

फिर कोई ‪‎कुत्ता‬, कोई कुत्ते का पिल्ला हो गया


- शाहनवाज़ सिद्दीक़ी
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