तो क्या भाजपा प्रशंसकों को भारतीय होने पर शर्म आती थी?

मतलब क्या प्रधानमन्त्री महोदय यह कहना चाहते हैं कि भाजपा प्रशंसकों को इस सरकार के आने से पहले ख़ुद के भारतीय होने पर शर्म आती थी? 


अनेक कमियों के बावजूद हमारे देश की कंडीशंस हमेशा ऐसी रहीं हैं कि हम उसपर गर्व कर सकें! हालाँकि हम खुद भी देश में #Corruption, गरीबों / महिलाओं पर होने वाले अत्याचार, सांप्रदायिक द्वेष / दंगे जैसी बहुत सी बातों के विरोधी हैं। हम आपस में अनेकों बातों पर लड़ते-भिड़ते भी हैं, मगर इसका मतलब यह नहीं कि खुद के भारतीय होने पर शर्म जैसी बातें करते फिरें और खासतौर पर विदेश में जाकर ऐसे लफ़्ज़ों का इस्तेमाल करें जिससे देश शर्मसार हो! 

यह एक ऐसा बयान है जिसे देश के प्रधानमंत्री पद पर सुशोभित व्यक्ति तो क्या कोई आम नागरिक भी कभी नहीं देना चाहेगा! देश की संप्रभुता हमेशा से दलगत राजनीति से ऊपर रही है और भविष्य में भी हर हाल में रहनी चाहिए!


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी इस भारी भूल पर क्षमा मांगनी चाहिए!