काश ऐसा हो!


जिस तरह ओखला की मस्जिद में सूअर का गोश्त मिलने पर मुसलमान नहीं भड़के और फ़ौरन पुलिस को फोन किया, क्या मैं यह उम्मीद कर सकता हूँ कि बाकी जगह के मुसलमान भी ऐसा ही करेंगे?

और ठीक इसी तरह मंदिर में मांस मिलने जैसी घिनौनी हरकत पर हिन्दू भी ऐसा ही करेंगे?

अगर जवाब 'हाँ' है तो समझ लीजिये कि नफ़रत फ़ैलाने की कोशिशें हार जाएंगी, वर्ना मासूम दंगो की भेट चढ़ते रहेंगे और नफ़रत की राजनीति करने वाले अपने मक़सद में कामयाब होते रहेंगे!



आपकी राय:

2 comments:

  1. शांति और सद्भाव को बनाएँ रखने की एक मिसाल है ये !
    सच में हमको राजनीति करने वाले के नफरत फैलाने वाले मंसूबो को मिटाना होगा !

    ReplyDelete
  2. प्रेरक व सार्थक प्रस्तुति ...

    ReplyDelete