शुक्रगुज़ार बंदा क्यों ना बनूँ?

ऐ मेरे रब, उन ने'एमतों के लिए भी बहुत-बहुत शुकिया, जिनको हम कभी महसूस भी नहीं कर पाते!

हमारा रब हमें रात-दिन अनेक खुशियाँ अता करता है, मगर उनसे खुश होना और शुक्रगुज़ार बनना तो दूर, अक्सर को तो हम खुशियों में शुमार भी नहीं करते हैं।


बच्चों के घर वापिस आने के ख़ुशी की अहमियत उनसे मालूम करो जिनका बच्चा सही सलामत स्कूल गया था, मगर वापिस नहीं आया... 

पेशाब आने की क़द्र उससे मालूम करिए जिसका पेशाब आना बंद हो, या फिर मुंह में थूक बनने की ख़ुशी उससे मालूम करिए जिसके मुंह में लार बनना बंद हो गई हो।

इस तरह की एक छोटी सी ख़ुशी को प्राप्त करने के लिए वह अपना सबकुछ लुटा देने को तैयार हो जाएँगे!






Keywords: faith, thanks, god, religion, thanksgiving,
आपकी राय:

2 comments:

  1. Bahut sunder prastuti ..jiske pass jo nhi hai ya hai aur kho gayi hai wahi jaanta hai paane aur khone ke beech ka fark aur khushi va dard .... Aabhaar !!

    ReplyDelete
  2. Bahut sunder prastuti ..jiske pass jo nhi hai ya hai aur kho gayi hai wahi jaanta hai paane aur khone ke beech ka fark aur khushi va dard .... Aabhaar !!

    ReplyDelete