पश्चिम जगत अब उन्ही आतंकवादियो का समर्थक क्यों है?


जिन आतंकवादी संगठनों की हरक़तों के कारण पश्चिम जगत दुनिया के सारे मुसलमानों को आतंकवादी ठहराने पर तुला हुआ था, आज वही संगठन उनके लिए सीरिया में मुजाहिदीन हो गए? अब उन पर ड्रोन हमले नहीं बल्कि हथियार पहुंचाएं जा रहे हैं... आम फौजियों की तरह सैलिरी, हथियार और अन्य सुविधा मुहैय्या करवाई जा रही हैं?

और जब सारे हित साध लिए जाएँगे तो फिर से उनकी नज़र में सारे मुसलमान आतंकवादी हो जाएँ।

बंदर लडवा रहें हैं और बिल्लियाँ लड़ रही हैं और दूर बैठी बाकी बिल्लियाँ अपनी-अपनी पसंद की बिल्लीयोँ का समर्थन कर रहीं है।

बयान और बस बयान


हमारे सैनिकों को शहीद करने वाले चाहे पाकिस्तानी सैनिक थे या नहीं थे, परन्तु आये तो उसी धरती से थे। वहीँ पर खुलेआम आतंकवादियों के ट्रेनिंग शिविर भी लगते हैं, जिन्हें वहां की सरकार खुलेआम संरक्षण देती है। जब आपने इतनी जल्दी उनकी पहचान पता कर के हमपर इतना उपकार कर ही दिया है तो आपको उनके ठिकानों की भी ज़रूर जानकारी होगी ही? तो कयों नहीं नेस्तनाबूद कर देते हैं एंटनी बाबू? फिर तो पाकिस्तानी सैनिक और आतंकवादियों का पर्दा भी नहीं रहेगा!

मानता हूँ कि हमारी सेनाएँ उनकी तरह नामर्द नहीं हैं जो चुपके से वार करें, मगर कमज़ोर भी नहीं हैं जो दुश्मन को उसके घर में घुसकर सबक ना सिखा सके!