तो क्या डंडों से सफाया होगा आतंकवाद का?


हद है... सीआरपीएफ के जवानों को कश्मीर पुलिस द्वारा घाटी में बिना हथियारों के लड़ने पर मजबूर किया जा रहा है। मतलब आधुनिक हथियारों से लैस आतंकवादियों से लड़ने के लिए लकड़ी का डंडा??? इससे वह खुद की सुरक्षा करेंगे या आम जनता की?


 
इससे अच्छा तो यह है कि सीआरपीएफ की ज़िम्मेदारी कश्मीर पुलिस को ही दे दो, खुद ही भिड़ें आतंकवादियों से और वह भी लकड़ी डंडों के साथ!
आपकी राय:

6 comments:

  1. आपका कहना बिलकुल सही है लाठियों से अत्याधुनिक हथियारों का मुकाबला नहीं हो सकता है इसलिए जवानों को भी हथियारों से लैस किया जाना जरुरी है और रही बात जम्मू कश्मीर पुलिस कि तो लाठियों से मुकाबला वो भी नहीं कर पाएगी और उनके जवानों कि क्षति भी इसी देश कि क्षति होगी इसलिए चाहे सीआरपीएफ जवान हो या फिर जम्मूकश्मीर पुलिस के जवान हो किसी कि भी जान जोखिम में डालनें के बजाय उन्हें मुकाबला करनें के योग्य हमेशा रखा जाना चाहिए !!

    ReplyDelete
  2. "कश्मीर पुलिस द्वारा"
    यहाँ पर मुझे लगता है आपने पूरी बात नहीं कही। क्या कश्मीर की पुलिस स्वयं ऐसे आदेश जारी कर सकते है वह भी एक केन्द्रीय सुरक्षा बल के लिए ?

    ReplyDelete
    Replies
    1. Godiyal ji, jitni information mujhe mili maine utni hi likhi... halanki sabko pata hai ki Bina sarkari aadesh ke is par amal nahi ho sakta hai....

      Delete

    2. होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

      Delete
  3. आपको भी होली की रंगारंग शुभकामनाएँ...
    आपसे एक जानकारी की चाहत भी है - मेरे मित्र जब हमारीवाणी पर किसी भी पोस्ट को लाईक करना चाहते हैं तो Option - Log in First से आगे कोई विन्डो खुलती दिखाई नहीं देती । क्या इसका और भी कोई तरीका है ? यदि सम्भव हो तो अवश्य बतावें । धन्यवाद सहित...

    ReplyDelete