इंतज़ार

मुझे इंतज़ार है

साहिल को ढूँढती है, मेरी डूबती नज़र,
ना जाने कौन मेरा, समंदर के पार है।

शायद नहीं उस पार है, मेरी वफा-ए-ज़िन्दगी,
क्यूँ कर के फिर उस शख्स का, मुझे इंतज़ार है।





तेरे इंतज़ार में

नज़रें यह थक गई हैं, तेरे इंतज़ार में,
हर शै गुज़र गई है, तेरे इंतज़ार में।

आकर तो देख ले, मेरे बेचैन दिल का हाल,
कहीं जाँ ना निकल जाए, तेरे इंतज़ार में।


- शाहनवाज़ सिद्दीकी "साहिल"

क्या अब आपका नंबर है?

एक 21 साला यौवना को तलाश है एक सुयोग्य वर की. आपको बताते चलते हैं कि वह 2000 करोड़ की संपत्ति की मालकिन है. :-)

अब सारा समय ख्वाब देखने में ही मत लगाइए, चलिए मैं आपको उसकी फोटो दिखा देता हूँ. जिसे देखकर आप स्वयं निर्णय ले सकते हैं कि...........

क्या अब आपका नंबर है? ;-)







परेशान क्यों हो रहे हैं? आगे भी बता रहा हूँ! इस युवती का नाम निशिता शाह है और यह फोर्ब्स में नाम पाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला हैं। फोर्ब्स पत्रिका दुनिया के सबसे रईस लोगों की सूची बनाती है। उसने निशिता को आगामी पीढ़ी की एशियाई अरबपतियों की 40 नाम वाली सूची में 19वें नंबर पर रखा है।

निशिता ने बोस्टन अमेरिका से बिजनस एडमिनिस्ट्रेशन का कोर्स पूरा किया है। उसके पास अपना प्लेन भी है और पायलट का लाइसेंस भी। सबसे दिलचस्ब बात यह है कि निशिता शाह को तलाश है मिस्टर राइट की।

निशिता मूलत: गुजरात मूल की है तथा उसका मशहूर "शाह परिवार" इस समय थाईलैंड में बसा है और वहां के सबसे रईस परिवारों में से एक है। इनके जीपी ग्रुप के बिज़नस में 44 विशाल शिप भी हैं। शाह परिवार मूलत: कच्छ का है। 1868 में यह मुंबई आ बसा था। इसके बाद यह परिवार 1918 में बैंकॉक में सेटल हो गया।

तीन संतानों में सबसे बड़ी निशिता कहती हैं कि उसके मां-बाप अब कहने लगे हैं कि वह शादी करके सेटल हो जाए। वहीँ वह सीक्रेट बताती हैं कि "मुझे अभी मेरा मिस्टर राइट नहीं मिला है।"




अर्रर्रर्र!!!!!!!!! थाईलेंड की ओर आराम से भागो यार......... लड़ क्यों रहे हो???????????

इश्क़ की मंजिल



इश्क़ की मंजिल

महबूब नींद, माशूक ख़्वाब और इश्क़ रात की तरह है।
जिस तरह रात में नींद और ख़्वाब का मिलन अक्सर होता है,
उसी तरह आशिक़ और माशूक़ का मिलन भी रातनुमा इश्क़ में होता है।

मगर यह ज़रूरी नहीं कि हर रात की नींद में ख़्वाब आए!
इसी तरह आशिक़ों का मिलन भी हर इक की किस्मत मैं नहीं होता।



- शाहनवाज़ सिद्दीकी 'साहिल'

बाहर मानसून का मौसम है




बाहर मानसून का मौसम है,
लेकिन हरिभूमि पर
हमारा राजनैतिक मानसून
बरस रहा है।

आज का दिन वैसे भी खास है,
बंद का दिन है और हर नेता
इसी मानसून के लिए
तरस रहा है।


मानसून का मूंड है इसलिए
इसकी बरसात हमने
अपने ब्लॉग
प्रेम रस
पर भी कर दी है।

राजनैतिक गर्मी का
मज़ा लेना,
इसे पढ़ कर
यह मत कहना
कि आज सर्दी है!

मेरा व्यंग्य: बहार राजनैतिक मानसून की

- शाहनवाज़ सिद्दीकी "साहिल"